खेल खिलाड़ी की निर्देशकीय पारी…
संजय जैन निर्देशित प्रेम रोग के रिलीज का

मजदूर दिवस पर एक खेल अधिकारी की फिल्म रिलीज होने वाली है। नाम है प्रेम रोग। अनिल सिन्हा और शालिनी विश्वकर्मा अभिनीत इस फिल्म को कांकेर के खेल अधिकारी संजय जैन निर्देशित कर रहे हैं। खास बात यह कि वे जाने-माने निर्माता- निर्देशक सतीश जैन के भतीजे हैं। खेल के साथ-साथ अभिनय में रुचि थी लिहाजा वे छोटे-मोटे रोल करने लगे। वे बताते हैं, मेरा सपना था कि मैं भी कभी कैमरे के सामने एक्शन बोलूं। हालांकि यह इतना आसान नहीं था।
सतीश जैन के भतीजे होने पर उनसे क्या सीखा? इस सवाल पर मुस्कुराकर कहते हैं चाचा तो फिल्म मेकिंग के इन्साइक्लोपीडिया हैं। हम उनका 10 प्रतिशत भी सीख जाएं तो बहुत होगा। मेरा मानना है कि फिल्म मेकिंग किसी के काम को देखकर सीखने की चीज नहीं है। जिस तरह उन्होंने खुद को खपाया है उसका कोई विकल्प नहीं है। हमेें यह सोचना चाहिए कि क्या हम वैसा काम कर सकते हैं। चाचा का पूरा जीवन फिल्म और फिल्मी गतिविधियों में गुजरा है।
प्रेम रोग के बारे में संजय ने कहा, मुझे यह नहीं पता कि दर्शकों का क्या रिस्पांस रहेगा लेकिन मैं इतना जानता हूं कि हमने फिल्म अच्छी बनाई है। किसी तरह का कोई समझौता नहीं किया। हालंाकि आर्थिक परेशानियां बहुत आईं लेकिन हमने उसका सामना किया।
किस तरह के समझौते किए? इस पर संजय ने कहा, एक गाना जो पहले किसी और से गवाया था, पसंद न आने पर दूसरे से गवाया। इतना ही नहीं अभिनेत्री की आवाज हमें कमतर लग रही थी इसलिए हमने इसकी डबिंग कराई। कई बार हमें हालात और संभावित नतीजों को देखकर निर्णय लेने पड़ते हैं। लेकिन असली परिणाम की रिमोर्ट तो दर्शकों के हाथ में ही रहता है।




