ओशो ने कहा था, संन्यास निजता है, मेरा निर्णय है, मैं आज लेता हूं, कल वापस लौटता हूं
अगर अमलेश गुईयां 2 के लिए लौटे तो टीना टप्पर रिलीज के ठीक एक दिन बाद छोड़ना कितना सही था?

सिनेमा 36. अमलेश नागेश स्टारर गुईयां 2 मई की 2 तारीख को रिलीज हो रही है। इसका प्रमोशन भी स्टार्ट हो चुका है। मेकर्स को यकीन है कि संन्यास की छांव में आराम कर रहे अमलेश इस फिल्म के लिए उठ खड़े होंगे और हांडा जैसा माहौल बनेगा। मेकर्स के जब पैसे लगे हों तो वह चाहेगा ही कि फिल्म ब्लॉकबस्टर हो। और इसके लिए वह तमाम तरह के जतन करता है। जाहिर है गुईयां 2 के लिए अमलेश को मनाया जाएगा।
अमलेश ने जो फैसला लिया था वो भले हो भावनाओं में लिया गया निर्णय था लेकिन क्या उनकी भावनाएं इतनी जल्दी मजबूत हो जाएंगी कि वे गुईयां 2 के लिए पूरी ऊर्जा के साथ निकल सकें? या फिर वे घर बैठे ही दर्शकों से फिल्म देखने की अपील करेंगे? होना क्या है ये तो समय आते तक पता चल ही जाएगा, लेकिन इंडस्ट्री ने चर्चाओं और कयासों का दौर जारी है।
डार्लिंग 2 और टीना टप्पर के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन ने अमलेश के स्टारडम रूपी शेयर मार्केट को धड़ाम तो किया ही है, क्योंकि इन फिल्मों को लेकर जैसी उम्मीद थी वैसा प्रदर्शन नहीं कर पाईं। चाहे जितने भी कारण गिना दिए जाएं, ओपनिंग को लेकर तो ट्रेड की सुई अमलेश पर ही आ टिकती है।
ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं गुईयां 2 के जरिए अमलेश नागेश का अज्ञातवास समाप्त हो जाएगा लेकिन अगर उनकी वापसी हुई तो सवाल ये भी उठेंगे कि टीना टप्पर को रिलीज हुए 24 घंटे भी नहीं बीते थे और अमलेश ने संन्यास की घोषणा कर दी? इतना ही नहीं उन्होंने टीना टप्पर को लेकर दर्शकों की इंस्टा स्टोरी को भी अपनी स्टोरी में पोस्ट करना बंद कर दिया था। जब सूत्रधार ही किनारे हो जाए तो कोई माझी से क्या उम्मीद करे। हालांकि बाद में शायद मेकर्स की रिक्वेस्ट पर उन्होंने स्टोरी डालनी शुरू की। ट्रेड के कुछ लोगों का मानना है कि अगर गुईयां 2 के लिए अमलेश जागते हैं तो टीना टप्पर को ऐन टाइम में छोड़ देने को क्या माना जाएगा? इसका जवाब हर किसी के नजरिए से अलग अलग होगा।
वैसे संन्यास को लेकर ओशो क्या कहते हैं यह भी पढ़िए- संन्यास आपने लिया था। संन्यास आप छोड़ते हैं। आपके अतिरिक्त इसमें कोई और निर्णायक नहीं है। आप ही डिसीसिव हैं, आपका ही निर्णय है। इसमें दूसरे की न कोई स्वीकृति है, न दूसरे का कोई संबंध है। संन्यास निजता है, मेरा निर्णय है। मैं आज लेता हूं, कल वापस लौटता हूं। न तो लेते वक्त आपसे अपेक्षा है कि आप सम्मान करें, न छोड़ते वक्त आपसे अपेक्षा है कि आप इसके लिए निंदा करें। आपका कोई संबंध नहीं है।