शिवरीनारायण मेले में एमसीबी 2 की धूम
दूसरे स्थान पर टीना टप्पर और तीसरे में सुकवा

सिनेमा 36. छत्तीसगढ़ के मेले में टूरिंग टॉकीज का अलग ही क्रेज देखने को मिलता है। जमीन पर बैठकर फिल्में देखने का आनंद वही महसूस कर पाएगा जिसने देखा है। शिवरीनारायण मेले में टूरिंग टॉकीज की शुरुआत हो चुकी है। बताया जाता है कि यहां नंबर वन पर सतीश जैन निर्देशित मोर छैंया भुईयां 2 चल रही है। इसके बाद प्रणव झा निर्देशित टीना टप्पर का जलवा है। तीसरे नंबर पर मनोज वर्मा निर्देशित सुकवा का जोर है। इसके बाद पुष्पा 2, डोली लेके आजा और बीए फाइनल ईयर चल रही है। हालांकि यह रिपोर्ट फर्स्ट शो की है। अगले शो में कौन सी फिल्म किस पायदान पर चली जाएगी यह कहना मुश्किल है। माना जा रहा है कि एमसीबी 2 का पलड़ा भारी रहेगा। वैसे कुछ और भी फिल्में हैं जो मेले में चलाई जाएंगी। इसमें हंडा का नाम प्रमुखता लिया जा रहा है।
रिकवरी का तीसरा ऑप्शन है मेला
बताते चलें कि थिएटर के अलावा रिकवरी का तीसरा महत्त्वपूर्ण विकल्प मेला माना जाता है। दूसरे नंबर पर यूट्यूब गिना जाता है। कई फिल्में ऐसी हैं जो थिएटर पर कमाल नहीं दिखा पाई लेकिन मेले में धूम मचा दी। इसमें सतीश जैन निर्देशित लैला टीपटॉप, छैला अंगूठा छाप का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है। यह फिल्म थिएटर पर फ्लॉप रही लेकिन मेले में सर्वाधिक चलने का रिकॉर्ड आज भी इसी के नाम पर है।
पहले फिल्में खरीदी जाती थी, अब रेशियो पर चला रहे
एक जमाना था कि फिल्में मेले के लिए एकमुश्त खरीद ली जाती थीं। उदाहरण के लिए कोई फिल्म एक लाख रुपए में खरीदी गई। मेले में जितनी भी आवक होती थी वह टॉकीज वाले के पास जाती थी। कुछ वर्षों से परम्परा बदल दी गई है। अब जितना कलेक्शन आता है उसकी फिफ्टी परसेंट टॉकीज मालिक और 50 प्रतिशत प्रोड्यूसर के पास जाता है।