मोहित के ‘मोरल कार्ड’ पर कितने आहत हुए हैं अमलेश?
गुईयां 2 पर अमलेश का कितना सपोर्ट रहेगा, ये तो वक्त ही बताएगा

सिनेमा 36. ‘टीना टप्पर’ वर्सेस ‘डोली लेके आजा’ में पर मोहित साहू की अहम भूमिका रही। उन्होंने एक तरह से मोरल कार्ड खेल दिया। एक इंटरव्यू में उन्होंने अमलेश नागेश स्टारर ‘टीना टप्पर’ के कलेक्शन पर यहां तक कह दिया कि इतने बड़े चेहरे को रखकर ओपनिंग खींच नहीं पाना प्रणव झा के लिए शर्म की बात है। वैसे मोहित ने प्रणव झा जैसे एक्सपेरिमेंटल निर्देशक को रडार में क्यों लिया इस पर अलग से एपिसोड लिखा जाएगा। मोहित ने कमजोर ओपनिंग पर जो कहना था कह तो दिया लेकिन क्या कोई बताएगा कि ओपनिंग कौन लाता है? हीरो या डायरेक्टर? इसका जवाब सभी को पता है। इसलिए मोहित साहू का ‘मोरल कार्ड’ और किसी से कहीं ज्यादा अमलेश नागेश पर भारी पड़ा।
सोचने वाली बात ये भी है कि वही अमलेश नागेश जिनकी फिल्मों से एन माही प्रोडक्शन स्थापित हुआ। वही अमलेश नागेश जिनके नाम से एन माही प्रोडक्शन और मोहित साहू की शोहरत बढ़ी। वही अमलेश नागेश जिनके एग्रीमेंट से एन माही प्रोडक्शन अपने शिखर तक पहुंचा। और उसी अमलेश नागेश पर ऐसा मलाईघात? हे राम..
बताते हैं कि अमलेश नागेश और एन माही प्रोडक्शन का एक दूसरे पर इतना जुड़ाव था कि फेविकोल भी बेअसर साबित हो जाए। जब दो लोगों में बहुत अच्छे रिलेशन हों, तब किसी तीसरे के बोलने से कहीं ज्यादा खुद के कहने से फर्क पड़ता है। जिसके साथ रोज उठना बैठना हो वो भला कैसे विरोधी स्वर निकाल सकता है। ट्रेड में भी यही चर्चा है कि अमलेश को पब्लिक कॉमेंट से ज्यादा मोहित साहू के कहने का असर पड़ा है। अब कितना पड़ा है? पड़ा भी है या नहीं यह भी जल्द पता चल जाएगा। क्योंकि ‘गुईयां 2’ के लिए महज तीन महीने बाकी हैं। हालांकि अमलेश ने अपनी संन्यास डॉक्यूमेंट्री में कहा है कि उनकी आखिरी फिल्म ‘गुईयां 2’ होगी।