नवीन देशमुख से अपने लिए गाना लिखवाना चाहते थे राजेश
फिल्मकारों ने आखिरी मुलाकात को लेकर साझा किए संस्मरण

सिनेमा 36. अभिनेता राजेश अवस्थी का जाना अविश्वनीय घटना लग रही है। हमने फिल्म इंडस्ट्री के लोगों से जाना कि राजेश अवस्थी से उनका किया तरह का संस्मरण है। अभिनेता शिवा ने बताया, एक अवॉर्ड शो में मेरी उनसे मुलाकात हुई थी। लॉक डाउन के मया का आखिरी गीत पुरखौती मुक्तांगन में हुई थी। इसकी परमिशन उन्होंने ही दिलाई थी। अवॉर्ड शो के दौरान मंच पर मिले तो पूछे कि गाना ठीक से शूट हो गया था न। मैंने कहा जी भैया। मैंने यह भी कहा कि आप हर कार्यक्रम अटेंड करते हैं, ये अच्छा लगता है। इस पर वे मुस्कुराए और बोले, जब तक हूं आता रहूंगा। मुझे भी आप लोगों से मिलना अच्छा लगता है। फिर उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि यार नवीन देशमुख को बोलो न मेरे लिए भी गाना लिख दे, लिखते ही नहीं। तब मैंने नवीन भैया से कहा कि क्यों नहीं लिख रहे, लिख दीजिए न। नवीन भैया ने तत्काल हामी भरी लेकिन अफसोस गाना तो लिखा जाएगा लेकिन उसमें राजेश जी की स्मृति ही रहेगी।
विवाह समारोह में हुई थी मुलाकात
सिंगर नितिन दुबे ने बताया, राजेश भाई से मेरी आखिरी मुलाकात दिलीप षडंगी भैया के पुत्र के विवाह की रिसेप्शन पार्टी में हुई थी। उन्होंने मुझे पीछे से आकर गले लगा लिया था और बहुत ही मिलनसार तरीके से मुझे उनकी पत्नी से इंट्रोड्यूस करवाया और हम दूल्हा दुल्हन के मंच पर एक साथ ही गए। तब तक वो मुझसे बहुत सारी बातें करते रहे और मेरे गाए हुए गीतों की तारीफ़ करते रहे। उनसे पिछली मुलाकातों की तुलना में वो इस बार ज़्यादा हँसमुख और मिलनसार दिख रहे थे। आज याद कर रहा हूँ तो यकीन नही हो रहा कि वो उनसे मेरी आख़िरी मुलाकात थी।
कविता नहीं भेज पाने का रहेगा अफसोस
निर्देशक गंगासागर पंडा ने बताया, मेरी आखिरी मुलाकात तो अवॉर्ड फंक्शन में हुई थी। मेरा सौभाग्य रहा कि मुझे उनके ही हाथों से अवॉर्ड मिला। कुछ दिन पहले ही उनका फोन आया था कि जवानी जिंदाबाद में संजय महानन्दजी के लिए जो कविता लिखी थी उसे भेजो। उसे मुझे किसी मंच पर बोलना है। सागर ने बुझे मन से कहा कि मैं उनको कविता भेज ही नहीं पाया। इस बात का मुझे सदा रंज रहेगा।
लोकल आर्टिस्ट को काम मिलने का नियम बनाना चाहते थे
प्रोड्यूसर अमित जैन ने बताया, मैंने उनके साथ डिज्नी हॉटस्टार के लिए एक प्रोजेक्ट किया था – कौन प्रवीण तांबे। ये प्रोजेक्ट लगभग असंभव लग रहा था क्योंकि इसके लिए परमिशन नहीं मिल रही थी। क्रिकेट स्टेडियम में शूटिंग की और उस समय कांग्रेस की सरकार थी, पर राजेश भाई ने अपनी सूझ बूझ से अनुमति दिलाई। कुछ समय पहले उन्होंने मुझे कहा था कि ऐसा कोई नियम बनाना चाहिए कि बाहर से जो टीम आती है शूटिंग के लिए उन्हें यहाँ के लोकल कलाकार को काम देना जरूरी हो।
देश विदेश में छत्तीसगढ़ी को पहचान देना चाहते थे
गायिका आरु ने बताया, राज्योत्सव के मंच पर हम दोनों ने चना के दार राजा गाया था, जिसे पब्लिक ने खूब रिस्पांस भी दिया था। वे मुझसे कहते थे कि छत्तीसगढ़ी को देश दुनिया तक बगराना है। कलाकारों में एकता होनी चाहिए और मैं उसी काम में लगा हूं।
चेहरे की रौनक बढ़ गई थी
डॉक्टर शांतनु पाटनवार ने कहा, 26 जनवरी को मिले थे। मैंने तारीफ भी की थी कि चेहरे की रौनक बढ़ गई है। आज उनका इस तरह जाना बड़ा दुखद है।