वो क्या मंज़िल जहां से रास्ते आगे निकल जाएं सो अब फिर इक सफ़र का सिलसिला करना पड़ेगा
अमलेश का संन्यास, दीपक हुए चूज़ी

सिनेमा 36. पिछले साल रिलीज हुई मोर छैयां भुईयां 2 को छोड़ दें तो मन कुरैशी की कोई फिल्म नहीं चल पाई। बावजूद उनके पास सर्वाधिक फिल्में हैं। मन के अलावा एक और आर्टिस्ट हैं जिनकी फिल्में नहीं चलती लेकिन वे लगातार चल रहे हैं।
वैसे देखा जाए तो लीड हीरो को लेकर फ़िलहाल कमी बनी हुई है। अमलेश नागेश वैसे भी हर किसी की पहुंच से बाहर थे, अब खुद को इंडस्ट्री से बाहर कर लिया है। दीपक साहू फूंक फूंक के कदम रख रहे हैं। उनको ऐसा लगता है कि अच्छे डायरेक्टर या अच्छे प्रोडक्शन में ही काम करना है। वैसे दीपक खुद को साबित नहीं कर पाए हैं। सतीश जैन की फिल्म में भी श्रेय जैन ले गए। दीपक की असली परीक्षा तो भूपेंद्र चंदनिया निर्देशित मैं राजा तैं मोर रानी में होनी है। हालांकि प्रोडक्शन हाउस बड़ा है लेकिन निर्देशक उतना बड़ा नहीं है।
मन कुरैशी मोर छैयां भुईयां 3 में दिखाई तो देंगे लेकिन चर्चा है कि उनका कैनवास उतना बड़ा नहीं है फिल्म में। हां आलेख चौधरी निर्देशित जान लेबे का और मनीष मानिकपुरी कृत राज लक्ष्मी में उनके बूस्टअप की उम्मीद जताई जा रही है।
मन कुरैशी पिछली कुछ फिल्मों के नहीं चलने से निराश थे लेकिन अमलेश की दो फिल्मों का बुरा हाल हुआ तो उनका आत्मविश्वास लौट आया। अमलेश की दोनों फिल्में चल जाती तो बाकी सब कूड़े की श्रेणी में गिनाए जा सकते थे। वैसे अमलेश की फिल्म गुईयां 2 भी आ रही है, हालांकि फिल्मी पंडित उसे लेकर बहुत ज्यादा उत्साहित नहीं है। बहरहाल, मन कुरैशी न चलकर भी दौड़ने वाले अभिनेता बने हुए हैं